LAW'S VERDICT

साल भर में उखड़ने लगी गणपत घाट की सड़क, NHAI ने कहा- हमने पैचवर्क कर रोड सुधारी


NHAI के जवाब पर हाईकोर्ट ने निराकृत की जनहित याचिका, कहा सड़क फिर खराब हुई तो लग सकेगी नई याचिका 

इंदौर |  राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-3 (NH-3) के गणपत घाट क्षेत्र की नवम्वर 2024 में 209 करोड़ की लागत से बनी सड़क के खराब होने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका का इंदौर हाईकोर्ट ने NHAI के जवाब पर निराकरण कर दिया है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) का कहना था कि सड़क के खराब हिस्से पर उसने पैच वर्क करके खराब सड़क को बेहतर बना दिया है। इस जवाब पर भरोसा जताते हुए जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस अलोक अवस्थी की डिवीज़न बेंच ने जनहित याचिका पर आगे सुनवाई करने से इंकार कर दिया। हालांकि, बेंच ने याचिकाकर्ता को स्वतंत्रता दी है कि सड़क खराब होने पर वो नई याचिका दाखिल कर सकेंगे।
बड़वानी जिले के सेंधवा में रहने वाले टैक्स कंसलटेंट बीएल जैन की ओर से दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया था कि नवंबर 2024 में बनी सड़क बारिश के बाद ही क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। NH-3 पर गणपत घाट की सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। हाल ही में NHAI द्वारा बनाई गई सड़क निर्माण की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। बारिश के बाद सड़क का टूटना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है

NHAI का जवाब

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से जवाब में कहा गया कि गणपत घाट क्षेत्र में सड़क की स्थिति में सुधार किया गया है। आवश्यक पैच वर्क (मरम्मत कार्य) पूरा कर लिया गया है और भविष्य में भी अनुबंध की शर्तों के अनुसार मरम्मत और रखरखाव किया जाएगा।

याचिकाकर्ता की आपत्ति

वहीं याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक तुगनावत  की दलील थी कि केवल पैच वर्क समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। खराब डिजाइन और निर्माण गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है।

हाईकोर्ट का फैसला

दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि NHAI ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि मरम्मत कार्य किया जा चुका है। भविष्य में भी सड़क का रखरखाव अनुबंध के अनुसार किया जाएगा। ऐसे में फिलहाल याचिका को लंबित रखने का कोई कारण नहीं है। 

WP-42716-2025

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